यह वीडियों हज्ज और उम्रा के लिए आने वाले अल्लाह के अतिथियों के लिये पर्याप्त मागदर्शन पर आधारित है। जिस में हज्ज के प्रकार, हज्ज या उम्रा का एहराम बांधने से पहले क्या करना चाहिए, एहराम बांधने का तरीक़ा, एहराम की हालत में निषिद्ध और वर्जित चीज़ें, उम्रा का तरीक़ा....
हज्ज और उम्रा गाइड - 2 - (हिन्दी)
हज्ज और उम्रा गाइड - 3 - (हिन्दी)
यह वीडियों हज्ज और उम्रा के लिए आने वाले अल्लाह के अतिथियों के लिये पर्याप्त मागदर्शन पर आधारित है। जिस में हज्ज के प्रकार, हज्ज या उम्रा का एहराम बांधने से पहले क्या करना चाहिए, एहराम बांधने का तरीक़ा, एहराम की हालत में निषिद्ध और वर्जित चीज़ें, उम्रा का तरीक़ा....
इत्तिबा-ए-सुन्नत और तक़लीद से संबंधित यह एक बात-चीत है जो एक शांतिपूर्ण वातावरण में अब्दुल्लाह और अहमद नामी दो व्यक्तियों के बीच हुई है। जिस में यह स्पष्ट किया गया है कि रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सुन्नत का इत्तिबा करना ही असल दीन है, तथा तक़लीद का खण्डन....
सलाते वित्र के अहकाम व मसाइल - (हिन्दी)
नमाज़े-वित्र उन नमाज़ों में से है जिन्हें पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने पाबंदी के साथ पढ़ी है, बल्कि आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने इसे सफर में भी नहीं छोड़ा है। इसकी विभिन्न संख्याएं और उनके पढ़ने के विभिन्न तरीक़े हैं। उसकी कम से कम संख्या एक रक्अत है....
मेरे पिता ने अपने जीवन में मुझे यह वसीयत की थी कि मैं अपनी यथा शक्ति प्रति वर्ष पंद्रह शाबान की रात को खैरात किया करूँ। और वास्तव में, अभी तक मैं ऐसा करता रहा हूँ। किन्तु कुछ लोगों ने इस पर मेरी निंदा करते हुए कहा कि ऐसा करना....
हमारे यहाँ पंद्रह शाबान की रात को लोग मस्जिदों में एकत्र होते हैं और तीन बार सूरत यासीन पढ़ते हैं और मौलिद पढ़ते हैं।
पंद्रह शाबान की फज़ीलत में क्या वर्णित है - (हिन्दी)
कुछ विद्वानों का कहना है कि पंद्रह शाबान और उस के रोज़े की फज़ीलत और पंद्रहवीं शाबान की रात को इबादत में गुज़ारने के बारे में हदीसें वर्णित हैं। क्या ये हदीसें शुद्ध और प्रमाणित हैं, या सहीह नहीं हैं ? यदि कोई हदीस सही है तो हमें स्पष्ट जानकारी....
क्या रमज़ान में रोज़े और नमाज़ की पाबंदी करने और उसके बाद ही नमाज़ छोड़ देने वाले का रोज़ा मान्य है - (हिन्दी)
यदि मनुष्य रमज़ान के महीने का रोज़ा रखने और रमज़ान में नमाज़ पढ़ने का बहुत लालायित है, किन्तु रमज़ान समाप्त होते ही नमाज़ छोड़ देता है, तो क्या उसका रोज़ा शुद्ध (मान्य) है ?
रोज़े की नीयत रात ही में करना - (हिन्दी)
क्या रमज़ान के रोज़े की नीयत रात में करना ज़रूरी है, या दिन के समय, जैसे कि अगर आप से चाश्त के समय कहा जाये कि आज का दिन रमज़ान का है, तो क्या आप उसकी क़ज़ा करें गे या नहीं ?
सदैव यात्रा करने वाले मुसाफिर का हुक्म - (हिन्दी)
मैं एक काम काज वाला आदमी हूँ। रोज़ी की तलाश में मेरी यात्रा लगातार जारी रहती है। मैं फर्ज़ नमाज़ों को सदैव अपनी यात्रा के दौरान जमा (एकत्र) करके पढ़ता हूँ, और रमज़ान के महीने में रोज़ा तोड़ देता हूँ। क्या मेरे लिए ऐसा करने का अधिकार है या नहीं....
लैलतुल क़द्र को किस तरह जागा जाये - (हिन्दी)
लैलतुल क़द्र (शबे क़द्र) को किस तरह जागा जाये; नमाज़ पढ़ने में, या क़ुर्आन करीम और सीरते नबवी का पाठ करने, वअज़ व नसीहत (धर्मोपदेश) और मस्जिद में उसका जश्न मनाने में ?
किसी भी समय एतिकाफ करना जाइज़ है - (हिन्दी)
क्या रमज़ान के अंतिम दस दिनों के अतिरिक्त किसी भी समय एतिकाफ करना जाइज़ है?

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