उम्मुल-मोमिनीन (अर्थात् विश्वासियों की माँ) उम्मुल-मोमिनीन सैयिदा हफ्सा बिन्त उमर बिन खत्ताब रज़ियल्लाहु अन्हुमा एक महान सहाबी खुनैस बिन हुज़ैफा अस-सहमी रज़ियल्लाहु अन्हु की पत्नी थीं, जो उहुद की लड़ाई में एक मार लगने के कारण अल्लाह को प्यारे हो गए थे। उसके बाद पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने....
उम्मुल-मोमिनीन (अर्थात् विश्वासियों की माँ) उम्मुल-मोमिनीन सैयिदा आयशा बिन्त अबू बक्र सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु अन्हुमा पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की पत्नियों में आपके निकट सबसे प्रिय और चहेती थीं, उम्महातुल मोमिनीन के बीच उनका महान स्थान था। वह क़ुरआन व हदीस और इस्लामी धर्मशास्त्र मे निपुण महिला थीं। इस लेख....
सफ़र के महीने से अपशकुन लेना - (हिन्दी)
प्रस्तुत लेख में अपशकुन व निराशावाद का अर्थ स्पष्ट करते हुए यह उल्लेख किया गया है कि यदि मुसलमान के दिल में अपशकुन पैदा हो जाए तो उसके साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए। तथा इस बात पर प्रकाश डाली गई है कि सफर के महीने से अपशकुन लेना जाहिलियत के....
इस उम्मत पर अल्लाह सर्वशक्तिमान की यह अनुकम्पा और अनुग्रह है कि उसने इसे सबसे अंतिम और सबसे श्रेष्ठ उम्मत बनाया है, तथा इस उम्मत के पैगंबर को समस्त ईश्दूतों और संदेष्टाओं में श्रेष्ठतम और उन सबकी अंतिम कड़ी बनाया है। और आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की मोहब्बत को....
हम में से कोई व्यक्ति इस बात से अनभिज्ञ नहीं है जो ईसाई लोग नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को बुरा-भला कहते हैं, तथा हम इस्लामी समुदाय के युवाओं की अपने धर्म और अपने पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के प्रति ग़ैरत (आत्म सम्मान) से भी हम अपरिचित नहीं हैं,....
पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सादगीः क्या आप जानते हैं कि मानव इतिहास के सबसे महान पुरूष पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का जीवनयापन किस तरह था? आपकी महान स्थिति और सर्वोच्च पद के बावजूद सादगी का यह हाल था कि कई दिनों तक चूल्हा ही नहीं....
इस्लाम का पालन न करनेवाले का परिणाम - (हिन्दी)
इस तथ्य में कोई संदेह नहीं कि इस्लाम अल्लाह का धर्म है, और वही एक मात्र सच्चा धर्म है, और वही वह धर्म है जिसे सभी संदेश्वाहक और ईश्दूत लेकर आए हैं। अल्लाह तआला ने इस में विश्वास (ईमान) रखने वाले के लिए लोक व परलोक में महान प्रतिफल और....
अक्सर दोहराया जाता रहता है कि सफर का महीना नहूसत (अपशगुन, दुर्भाग्य) का महीना है, जिससे कुछ अवाम बहुत से मामलों में अपशकुन लेते हैं। चुनाँचे उदाहरण के तौर पर इस महीने में निकाह नहीं किया जाता है, इसी तरह कुछ लोगों का मानना है कि निकाह की सभा में....
हमने सुना है कि ऐसी मान्यताएं पाई जाती हैं जिसका आशय यह है कि सफर के महीने में शादी, खतना और इसके समान अन्य चीज़ें करना जायज़ नहीं है। कृपया हमें इस बारे में इस्लामी क़ानून के अनुसार अवगत कराएं। अल्लाह आप की रक्षा करे।
हमारे देश में कुछ विद्वानों का भ्रम यह है कि इस्लाम धर्म में एक नफल नमाज़ है जो सफर महीने के अंत में बुध के दिन चाश्त के समय एक सलाम के साथ चार रकअत पढ़ी जाती है जिसमें हर रकअत के अंदर सूरतुल फातिहा, सत्तरह बार सूरतुल कौसर, पचास....
पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का अवतरण मानवजाति के लिए समुचित दया व करूणा के रूप में हुआ है। अल्लाह ने आपको सर्व संसार के लिए रहमत-दया बनाकर भेजा है। आपकी दयालुता मात्र आपके अनुयायियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह आप में आस्था व विश्वास न रखनेवालों तक को....
क़ुरआन की शिक्षाएं - (हिन्दी)
क़ुरआन की शिक्षाएं : मानव जीवन के विभिन्न और अनेक पहलू है, और क़ुरआन करीम समुचित मानवता का उसके जीवन के सभी विभिन्न मामलों में मार्गदर्शन करता है। चुनाँचे उसने मानव जीवन और मानव समाज को अनुशासित करने के लिए शिक्षाएं और निर्देश प्रस्तुत किए हैं। इस लेख में, कुरआन....

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