पर्दा सर्वप्रथम अल्लाह की उपासना है, जिसे अल्लाह ने अपनी व्यापक व अपार तत्वदर्शिता से औरतों पर अनिवार्य कर दिया है। पर्दा नारी के लिए पवित्रता, शालीनता और सभ्यता का प्रतीक, तथा उसके सतीत्व व मर्यादा का रक्षक है। पर्दा वास्तव में नारी के लिए प्रतिष्ठा और सम्मान का पात्र....
इस्लाम में पर्दा की वास्तविकता - (हिन्दी)
प्रस्तुत पुस्तिका में रमज़ान के रोज़े और उसके क़ियाम (तरावीह) की फज़ीलत, तथा उसके अंदर नेक कामों द्वारा एक दूसरे से आगे बढ़ने की फज़ीलत से संबंधित कुछ नसीहतें हैं, साथ ही कुछ ऐसे महत्वपूर्ण अहकाम का वर्णन है जो कुछ लोगों पर गुप्त रह जाते हैं।
ईद की नमाज़ का हुक्म और उसका तरीक़ा - (हिन्दी)
यह आदरणीय शैख मुहम्मद बिन सालेह अल-उसैमीन रहिमहुल्लाह से पूछे गये एक प्रश्न का उत्तर है जिसका अंश यह है किः ईद की नमाज़ का हुक्म और उसका तरीक़ा क्या है ? और उसकी शर्तें और उसका समय क्या है ?
ईद की नमाज़ का हुक्म - (हिन्दी)
ईद की नमाज़ का हुक्म
नीयतों को संग्रह करना - (हिन्दी)
नीयतों को संग्रह करनाः एक ही काम में कई चीज़ की नियतों करने का मस्अला बहुत महत्वपूर्ण है, जिसके विषय में अधिकांश लोग प्रश्न करते रहते हैं। इस लेख में नीयतों को संग्रह करने अथवा न करने का आधार बयान किया गया है।
नीयतों को एकत्रित करने का मुद्दा - (हिन्दी)
प्रस्तुत लेख एक महत्वपूर्ण मुद्दे के वर्णन पर आधारित है जिसके बारे में, विशेषकर शव्वाल के महीने में, अधिक प्रश्न किया जाता है, और यह मुद्दा ’’एक ही कार्य में कई नीयतों को एकत्रित करना’’ है।
अल्लाह तआला की महान कृपा और उपकार है कि उसने अपने बन्दों के लिए ऐसे नेकियों के मौसम और अवसर निर्धारित किये हैं जिन में वे अधिक से अधिक नेक कार्य करके अपने पालनहार की निकटता प्राप्त करने की चेष्टा करते हैं। उन्हीं महान मौसमों और महत्वपूर्ण अवसरों में से....
हज्ज करने से पहले ! - (हिन्दी)
प्रस्तुत लेख में कुछ शिष्टाचार उल्लेख किए गए हैं जिनसे एक हाजी को हज्ज करने से पहले सुसज्जित होना ज़रूरी है।
मृतकों की ओर से क़ुर्बानी करने का हुक्म - (हिन्दी)
यह आदरणीय शैख मुहम्मद बिन सालेह अल-उसैमीन रहिमहुल्लाह की पत्रिका ‘‘अहकामुल उज़हियाति वज़्ज़कात’’ का एक अध्याय है, जिसके अंदर क़ुर्बानी के विषय में बुनियादी उसूल का उल्लेख किया गया है और वह यह है कि क़ुर्बानी ज़िन्दा लोगों की तरफ से धर्मसंगत है। लेकिन इस समय बहुत से लोग ज़िन्दों....
क्या मुसलमान का नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की ओर से क़ुर्बानी करना सही है ? इस मुद्दे में विद्वानों का विचार क्या है ? इस हदीस की प्रामाणिकता क्या है और उसकी व्याख्या क्या है ? हनश से वर्णित है वह अली रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत करते हैं कि....
नवजात शिशु का आगमन मनुष्य के लिए एक अपार खुशी का अवसर होता है। इस अवसर को लोग अपनी-अपनी परंपराओं और रीतियों के अनुरूप विभिन्न प्रकार से मनाते और हर्ष व उल्लास का प्रदर्शन करते हैं। इस्लाम धर्म में नवजात शिशु के विशेष प्रावधान हैं, जिनमें से एक यह है....
अक्सर दोहराया जाता रहता है कि सफर का महीना नहूसत (अपशगुन, दुर्भाग्य) का महीना है, जिससे कुछ अवाम बहुत से मामलों में अपशकुन लेते हैं। चुनाँचे उदाहरण के तौर पर इस महीने में निकाह नहीं किया जाता है, इसी तरह कुछ लोगों का मानना है कि निकाह की सभा में....

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