दीन में बिद्अत और ईद मीलादुन्नबी का उत्सवः बिद्अत कुफ्र की डाक और उसका सूचक है, और जो आदमी इसके जाल में फंस जाता है उसकी बुद्धि उलटी हो जाती है और वह अपनी बिद्अत को पुण्य का कार्य समझ कर अन्जाम देता है, बल्कि दूसरों को भी उसकी ओर....
दीन में बिद्अत और ईद मीलादुन्नबी का उत्सव - (हिन्दी)
मीलादुन्नबी - कब और कैसी? - (हिन्दी)
मीलादुन्नबी - कब और कैसी? : प्रस्तुत वीडियो में पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के जन्म दिवस का उत्सव मनाने का धार्मिके प्रावधान उल्लेख करते हुए यह वर्णन किया गया है कि स्वयं पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के समयकाल, आपके खुलफा-ए-राशेदीन के समयकाल तथा उसके बाद की सर्वश्रेष्ठ शताब्दियों....
इस लेख में पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के जन्म दिवस के अवसर पर यादगार समारोह आयोजित करने का शरई हुक्म उल्लेख करते हुये इन तत्वों को स्पष्ट किया गया है कि इस का आरम्भ कैसे हुआ, सर्व प्रथम किन लोगों ने इस का प्रदशZन किया, इस समारोह के आयोजन....
Ramzan ke mutaliq ahem malumaat - (हिन्दी)
Ramzan ke mutaliq ahem malumaat
ज़ुल-हिज्जा महीना के शुरू के दस दिनों की सभाएँ
ज़िल-हिज्जा के दस दिनों के कर्म - (हिन्दी)
ज़िल-हिज्जा के दस दिनों के कर्म
रमज़ान से पहले - (हिन्दी)
रमज़ान के स्वर्ण अवसर को गनीमत समझोः अल्लाह का अपने बन्दों पर बहुत बड़ उपकार है कि उसने उन्हें प्रतिष्ठित वक़्तों और उपासना के महान अवसरों से सम्मानित किया है ; ताकि वे अधिक से अधिक सत्कर्म कर कर सकें और दुष्कर्मों से पश्चाताप कर सकें। उन्हीं में से एक....
रमज़ान के अंतिम दस दिनों की फज़ीलत - (हिन्दी)
रमज़ान के अंतिम दस दिनों की फज़ीलतः इस उम्मत पर अल्लाह का बहुत बड़ा उपकार है कि उसने उन्हें रमज़ान के अंतिम दस दिनों में एक ऐसी रात प्रदान किया है, जो हज़ार महीनों (अर्थात 83 वर्षों) से अधिक बेहतर है। इसीलिए इस रात को पाने के लिए पैगंबर सल्लल्लाहु....
ज़ुल-हिज्जा के दस दिनों की प्रतिष्ठा - (हिन्दी)
हिज्जा के दस दिनों की प्रतिष्ठा: इस उम्मत पर अल्लाह का बहुत बड़ा उपकार और एहसान है कि उसने उन्हें नेकी के ऐसे अवसर प्रदान किए हैं, जिनमें वे नेक कार्य कर अल्लाह की अधिक निकटता और कई गुना पुण्य और इनाम प्राप्त कर सकते हैं। उन्हीं अवसरों में एक....
ज़ुल-हिज्जा के दस दिनों के कार्य - (हिन्दी)
ज़ुल-हिज्जा के दस दिनों के कार्य : अल्लाह सर्वशक्तिमान की महान कृपा व अनुकम्पा और दानशीलता है कि उसने अपने दासों के लिए नेकियाँ कमाने और पुण्य प्राप्त करने अनेक रास्ते और अवसर प्रदान किए हैं। ज़ुल-हिज्जा के महीने प्राथमिक दस दिन नेकियों का महान अवसर और पर्व है। प्रस्तुत....
शबे-बराअत की हक़ीक़त - (हिन्दी)
शबें शबे-बराअत की हक़ीक़तः कोई महीना ऐसा नहीं बीतता जिसमें बिदअती और अपनी इच्छाओं के पुजारी लोग धर्म के नाम पर कोई न कोई नवाचार निकालकर अंजाम न देते हों। उन्हीं में से शाबान महीने की पंद्रहवीं रात को विशेष उपासना करना, उसके दिन का रोज़ रखना, हलवा बनाना, और....
पंद्रह शाबान की हक़ीक़त - (हिन्दी)
वर्तमान समय में कुछ मुसलमानों के बीच प्रचलित बिदअतों में से एक घृणित बिदअत : पंद्रह शाबान की रात का जश्न मनाना है, जिसे अवाम में शबे-बराअत के नाम से जाना जाता है और उसमें अनेक प्रकार की शरीअत के विरुद्ध कार्य किए जाते हैं, जिनके लिए ज़ईफ़ और मनगढ़त....

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