मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के आगमन की पूर्व सूचना हमें बाइबल, तौरेत और अन्य धर्म ग्रन्थों में मिलती है, यहाँ तक कि भारतीय धर्मग्रम्थों में भी आप के आने की भविष्यवाणियाँ मिलती हैं। हिन्दू, बौद्ध और जैन धर्म की पुस्तकों में इस प्रकार की पूर्व-सूचनाएँ मिलती हैं। इस पुस्तिका....
वे कौन से लोग हैं जो अज्ञानता के कारण क्षम्य (मा’ज़ूर) समझे जायेंगे ? और क्या आदमी धर्मशास्त्र के मामलों में अपनी अज्ञानता के कारण क्षम्य समझा जायेगा ? या अक़ीदा और तौहीद (एकेश्वरवाद) के मामलों में क्षम्य समझा जायेगा ? और इस मामले के प्रति विद्वानों का क्या कर्तव्य....
नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के अवशेष और चिन्हों से तबर्रूक लेने (बरकत चाहने) जैसे कि मस्जिदे नबवी शरीफ वगैरा में दीवारों और दरवाज़ों पर हाथ फेरने का क्या हुक्म है ?
नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की क़ब्र की ज़ियारत और आप के अलावा अन्य औलिया और सालेहीन (सदाचारियों और पुनीत लोगों) वगैरह की क़ब्रों की ज़ियारत करने का क्या हुक्म है ?
सहीह अक़ीदा संबंधित कुछ महत्वपूर्ण मसअले - (हिन्दी)
इस पुस्तिका में इस्लामी अक़ीदा से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण मसाइल को प्रश्न-उत्तर के रूप में प्रस्तुत किया गया है। ये मसअले शैख मुहम्मद जीमल ज़ैनू की पुस्तक (अल-अक़ीदा अल-इस्लामिय्या मिनल किताबि वस्सुन्नतिस्सहीहा) से संकलित किए गए हैं। इसमें शिर्क, तौहीद, जादू, वसीला, दुआ, तसव्वुफ, क़ब्रों की जि़यारत और उस पर....
एकेश्वरवाद का तथ्य - (हिन्दी)
यह पुस्तक उस तौहीद (एकेश्वरवाद) की वास्तविकता को स्पष्ट करती है जिसके साथ अल्लाह ने समस्त संदेष्टा को अवतरित किया, तथा इस एकेश्वरवाद के विषय में अनेकेश्वरवादियों की ओर से व्यक्त किए जाने वाले संदेहों का खंडन करती है। लेखक ने इसमें तौहीद एवं शिर्क का अर्थ और उनके भेद,....
हमारे जन्म का उद्देश्य - (हिन्दी)
हमारे जन्म का उद्देश्य: अल्लाह सर्वशक्तिमान ने मनुष्य की उत्पत्ति की और धरती की समस्त चीज़ों की रचना करके उनके लिए इस दुनिया में जीवन यापन का बढ़िया प्रबंध किया तथा उन्हें असंख्य अनुकंपाओं और नेमतों से सम्मानित किया। लेकिन बहुत कम ही मनुष्य ऐसे हैं जो इस तथ्य पर....
हमारे महान संदेष्टा मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के व्यक्तित्व पर आक्रमण के बाद, पूरी दुनिया में मुसलमानों की भावनाएं उत्तेजित हो गईं और इस अत्याचारी व अन्यायिक आक्रामक व्यवहार के प्रति अपने आक्रोष, क्रोध और अस्वीकृति व्यक्त करने लगीं। यह एक क्रान्ति है जो मूलतः मुसलमानों के अपने सम्मानित....
एक आदमी के दिल में अल्लाह अज़्ज़ा व जल्ल के बारें में शैतान भयानक वस्वसे डालता रहता है, और वह इस से भयभीत है, ऐसी स्थिति में उसे क्या करना चाहिए?
एकेश्वरवाद का मानव-जीवन पर प्रभाव - (हिन्दी)
तौहीद अर्थात एकेश्वरवाद, अल्लाह तआला को उसके सर्वसंसार का एकमात्र सृष्टा, पालनहार, उपास्य व पूज्य होने, तथा उसके नामों और गुणों में एकता मानने का नाम है। एकेश्वरवाद का मानव के जीवन और समाज पर महान प्रभाव पड़ता है। एकेश्वरवाद मनुष्य को अपने पालनहार के सिवाय सब की गुलामी से....
प्रस्तुत लेख में इस्लामी कैलेंडर के प्रथम महीने मुहर्रम का चर्चा करते हुए इस महीने की दसवीं तारीख को रोज़ा रखने की फज़ीलत का उल्लेख किया गया है। इसी तरह इस रोज़े की एतिहासिक पृष्ठभूमि की ओर भी संकेत किया गया है कि किस तरह अल्लाह ने इसी दिन अपने....
इसलाम में इबादत की शर्तें - (हिन्दी)
मनुष्य की रचना का मूल उद्देश्य अल्लाह सर्वशक्तिमान की उपासना व आराधना है। इस इबादत की कुछ शर्तें और नियम है जिनके बिना उपासना शुद्ध व मान्य नहीं होती। इस लेख में इस्लाम की दृष्टि में सही उपासना (इबादत) की शर्तों का उल्लेख किया गया है। चुनाँचे इबादत के शुद्ध....

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