नमाज़े-वित्र उन नमाज़ों में से है जिन्हें पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने पाबंदी के साथ पढ़ी है, बल्कि आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने इसे सफर में भी नहीं छोड़ा है। इसकी विभिन्न संख्याएं और उनके पढ़ने के विभिन्न तरीक़े हैं। उसकी कम से कम संख्या एक रक्अत है....
सलाते वित्र के अहकाम व मसाइल - (हिन्दी)
मेरे पिता ने अपने जीवन में मुझे यह वसीयत की थी कि मैं अपनी यथा शक्ति प्रति वर्ष पंद्रह शाबान की रात को खैरात किया करूँ। और वास्तव में, अभी तक मैं ऐसा करता रहा हूँ। किन्तु कुछ लोगों ने इस पर मेरी निंदा करते हुए कहा कि ऐसा करना....
रोज़े की नीयत रात ही में करना - (हिन्दी)
क्या रमज़ान के रोज़े की नीयत रात में करना ज़रूरी है, या दिन के समय, जैसे कि अगर आप से चाश्त के समय कहा जाये कि आज का दिन रमज़ान का है, तो क्या आप उसकी क़ज़ा करें गे या नहीं ?
सदैव यात्रा करने वाले मुसाफिर का हुक्म - (हिन्दी)
मैं एक काम काज वाला आदमी हूँ। रोज़ी की तलाश में मेरी यात्रा लगातार जारी रहती है। मैं फर्ज़ नमाज़ों को सदैव अपनी यात्रा के दौरान जमा (एकत्र) करके पढ़ता हूँ, और रमज़ान के महीने में रोज़ा तोड़ देता हूँ। क्या मेरे लिए ऐसा करने का अधिकार है या नहीं....
किसी भी समय एतिकाफ करना जाइज़ है - (हिन्दी)
क्या रमज़ान के अंतिम दस दिनों के अतिरिक्त किसी भी समय एतिकाफ करना जाइज़ है?
क्या मस्जिद के अंदर चौकीदार का कमरा और ज़कात समिति का कमरा उसके अंदर एतिकाफ करने के लिए उचित है ? जबकि ज्ञात रहे कि इन कमरों के दरवाज़े मस्जिद के भीतर हैं।
रोज़े के महत्वपूर्ण अहकाम व मसाईल - (हिन्दी)
यह एक संछिप्त महत्वपूर्ण लेख है जिस में रोज़े के हुक्म, रोज़े के विषय में लोगों के विभिन्न वर्ग, रोज़ा तोड़ने वाली चीज़ों तथा रोज़े संबंधित कुछ लाभदायक बातों का उल्लेख किया हया है।
ज़कातुल फित्र का हुक्म - (हिन्दी)
क्या यह हदीस सहीह है कि "रमज़ान का रोज़ा उठाया नहीं जाता यहाँ तक कि ज़कातुल फित्र अदा कर दिया जाये" ? और यदि मुसलमान रोज़ेदार ज़रूरतमंद है, ज़कात के निसाब का मालिक नहीं है तो क्या उक्त हदीस के सहीह होने के कारण या उसके अलावा अन्य सुन्नत से....
ज़कातुल फित्र की मात्रा - (हिन्दी)
ज़कातुल फित्र की मात्रा क्या है ? और वह कब निकाली जायेगी? तथा वह किस को दी जायेगी ? और क्या उसे मस्जिद के इमाम की तरफ से एकत्रित करना फिर उसे उसके हक़दारों पर वितरित करना चाहे कुछ समय के बाद ही क्यों न हो, जाइज़ है ? और....
ज़कातुल फित्र निकालने का समय - (हिन्दी)
क्या ज़कातुल फित्र निकालने का समय ईद की नमाज़ के बाद से उस दिन के अंत तक है ?
ज़कातुल फित्र को उसके समय से विलंब करना - (हिन्दी)
मैं एक यात्रा में था और ज़कातुल फित्र देना भूल गया, यात्रा सत्ताईसवीं रमज़ान की रात को थी और हम ने अभी तक ज़कातुल फित्र नहीं निकाली है।
उस आदमी का क्या हुक्म है जिसके पास ज़कातुल फित्र निकालने का सामर्थ्य (ताक़त) है फिर भी वह ज़कात न निकाले ?

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