अल्लाह सर्वशक्तिमान के साथ शिर्क (बहुदेववाद) इस धरती पर अल्लाह की सबसे बड़ी अवज्ञा है। वास्तव में यह सबसे बड़ा अन्याय, सबसे बड़ा अत्याचार, सबसे बड़ा पाप, सबसे बड़ा भद्दा और सबसे बड़ा अपराध है। क्योंकि इसका संबंध सर्वसंसार के पालनहार सर्वशक्तिमान अल्लाह के साथ है। अनेकेश्वरवादियों का अधिकांश शिर्क....
पूजा के कृत्यों में शिर्क - (हिन्दी)
अल्लाह के अतिरिक्त से प्रार्थना करना अवैध है पचास तर्कों के आलोक में।
सहीह अक़ीदा संबंधित कुछ महत्वपूर्ण मसअले - (हिन्दी)
इस पुस्तिका में इस्लामी अक़ीदा से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण मसाइल को प्रश्न-उत्तर के रूप में प्रस्तुत किया गया है। ये मसअले शैख मुहम्मद जीमल ज़ैनू की पुस्तक (अल-अक़ीदा अल-इस्लामिय्या मिनल किताबि वस्सुन्नतिस्सहीहा) से संकलित किए गए हैं। इसमें शिर्क, तौहीद, जादू, वसीला, दुआ, तसव्वुफ, क़ब्रों की जि़यारत और उस पर....
एकेश्वरवाद का तथ्य - (हिन्दी)
यह पुस्तक उस तौहीद (एकेश्वरवाद) की वास्तविकता को स्पष्ट करती है जिसके साथ अल्लाह ने समस्त संदेष्टा को अवतरित किया, तथा इस एकेश्वरवाद के विषय में अनेकेश्वरवादियों की ओर से व्यक्त किए जाने वाले संदेहों का खंडन करती है। लेखक ने इसमें तौहीद एवं शिर्क का अर्थ और उनके भेद,....
शिर्क की क़िस्में - (हिन्दी)
शिर्क की क़िस्में : प्रस्तुत वीडियो में शिर्क (अनेकेश्वरवाद) की किस्मों को वर्णन करते हुए शिर्क अक्बर (बड़े अनेकेश्वरवाद) के भेदों का उल्लेख किया गया है, जिनके कारण आदमी इस्लाम से बाहर निकल जाता है।और वे हैं अल्लाह की रुबूबियत ( प्रभुत्व), या उसकी उलूहियत (पूज्य होने) या उसके अस्मा....
तक़्वियतुल-ईमान - (हिन्दी)
तक़्वियतुल-ईमान : यह उर्दू भाषा में लिखित सुप्रसिद्ध पुस्तक है जिसे पढ़ कर लाखों लोग एकेश्वरवाद से परिचित हुए। इस पुस्तक मे तौहीद को प्रामाणित करने तथा शिर्क का खण्डन करने से संबंधित आयात एंव अहादीस
एक शांत संवाद - (हिन्दी)
मुसलमान के अक़ीदा से संबंधित यह एक बात-चीत है जो एक शांतिपूर्ण वातानरण में अब्दुल्लाह और अब्दुन्नबी नामी दो व्यक्तियों के बीच हुई है। इस में सर्वश्रेष्ट सत्य कर्म तौहीद –एकेश्वरवाद- की वास्तविकता तथा महा पाप शिर्क –अनेकेश्वरवाद-और उन के विषय में मुसलमान जन साधारण के बीच पाए जाने वाले....
शिर्क से सावधान रहिए - (हिन्दी)
वेलेंटासबसे बड़ा व सबसे महत्वपूर्ण काम अल्लाह सर्वशक्तिमाम का एकेश्वरवाद (तौहीद), और उसके साथ किसी को साझी न ठहराना है। यही इस्लाम धर्म की नींव और मौलिक सिद्धांत है। तथा यही सर्वप्रथम संदेष्टा नूह अलैहिस्सलाम से लेकर अंतिम संदेष्टा मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम तक सभी संदेष्टाओं का धर्म रहा....
क्या सफ़र का महीना अशुभ है? - (हिन्दी)
किसी चीज़ को मनहूस –अशुभ- समझना या उस से अपशकुन और बदफाली लेना जाहिलियत –अज्ञानता- के युज्ञ की परंपराओं में से है, जिसका इस्लाम ने खण्डन किया है और उसे अल्लाह पर दृढ़ विश्वास,संपूर्ण तवक्कुल व भरोसा के विरुद्ध घोषित किया है। जाहिलियत के समय के अरब जिन चीज़ों से....
सफ़र के महीने से अपशकुन लेना - (हिन्दी)
प्रस्तुत लेख में अपशकुन व निराशावाद का अर्थ स्पष्ट करते हुए यह उल्लेख किया गया है कि यदि मुसलमान के दिल में अपशकुन पैदा हो जाए तो उसके साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए। तथा इस बात पर प्रकाश डाली गई है कि सफर के महीने से अपशकुन लेना जाहिलियत के....
अक्सर दोहराया जाता रहता है कि सफर का महीना नहूसत (अपशगुन, दुर्भाग्य) का महीना है, जिससे कुछ अवाम बहुत से मामलों में अपशकुन लेते हैं। चुनाँचे उदाहरण के तौर पर इस महीने में निकाह नहीं किया जाता है, इसी तरह कुछ लोगों का मानना है कि निकाह की सभा में....
हमने सुना है कि ऐसी मान्यताएं पाई जाती हैं जिसका आशय यह है कि सफर के महीने में शादी, खतना और इसके समान अन्य चीज़ें करना जायज़ नहीं है। कृपया हमें इस बारे में इस्लामी क़ानून के अनुसार अवगत कराएं। अल्लाह आप की रक्षा करे।

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