प्रस्तुत लेख में इस्लामी कैलेंडर के प्रथम महीने मुहर्रम का चर्चा करते हुए इस महीने की दसवीं तारीख को रोज़ा रखने की फज़ीलत का उल्लेख किया गया है। इसी तरह इस रोज़े की एतिहासिक पृष्ठभूमि की ओर भी संकेत किया गया है कि किस तरह अल्लाह ने इसी दिन अपने....
सहाबा का सम्मान अहले सुन्नत वल जमात की अटूट धारणा
नबी स॰ की पत्नियों का सम्मान - (हिन्दी)
नबी स॰ की पत्नियों का सम्मान
मुस्त़फा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का एक अधिकार अहले बैत का सम्मान भी है।
सहाबा का सम्मान अहले सुन्नत वल जमात की अटूट धारणा
अबू बक्र सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु अन्हु के जीवन की कुछ झलकियाँ : अबू बक्र सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु अन्हु पैग़म्बर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पश्चात इस उम्मत के सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति हैं। आजीवन पैग़म्बर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के संगत में रहे और आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के स्वर्गवास के बाद आप....
उमर फारूक़ रज़ियल्लाहु अन्हु के जीवन की कुछ झलकियाँ : उमर फारूक़ रज़ियल्लाहु अन्हु ही वह दूसरे व्यक्ति है जिनका पैग़म्बर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपने पश्चात अनुसरण करने का आदेश दिया था। अबू बक्र सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु अन्हु ने अपने बाद आप को ख़लीफा नामज़द किया। आप के शासन....
उसमान बिन अफ्फान रज़ियल्लाहु अन्हु के जीवन की कुछ झलकियाँ : इस लेख में मुसलमानों के तीसरे खलीफी उसमान बिन अफ्फान रज़ियल्लाहु अन्हु की जीवनी, आपकी विशेषताओं और महत्वपूर्ण उपलब्धियों के बारे में कुछ झलकियाँ प्रस्तुत की गई हैं।
उम्मुल-मोमिनीन (अर्थात् विश्वासियों की माँ) सैयिदा खदीजह रज़ियल्लाहु अन्हा वह पहली महिला हैं जिनसे पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने शादी की, उस समय उनकी आयु चालीस वर्ष थी, जबकि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पच्चीस वर्ष के थे। तथा वह आपके निकट सबसे प्रिय पत्नी थीं। इस लेख में....
उम्मुल-मोमिनीन सैयिदा सौदह रज़ियल्लाहु अन्हा - (हिन्दी)
उम्मुल-मोमिनीन (अर्थात् विश्वासियों की माँ) सैयिदा सौदह बिन्त ज़मअह रज़ियल्लाहु अन्हा वह पहली महिला हैं जिनके साथ पैगंब रसल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने ख़दीजह रज़ियल्लाहु अन्हा के बाद विवाह किया, और उन्हीं के बारे में हिजाब (पर्दा) की आयत उतरी। इस लेख में उनकी संक्षेप जीवनी प्रस्तुत की गई है।
उम्मुल-मोमिनीन (अर्थात् विश्वासियों की माँ) सैयिदा जुवैरियह रज़ियल्लाहु अन्हा अपनी क़ौम के लिए सबसे अधिक बरकत वाली महिला थीं, पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के उनसे शादी कर लेने के कारण क़ौम - बनी मुस्तलिक़ - के सौ घर वाले आज़ाद कर दिए गए। इस लेख....
उम्मुल-मोमिनीन (अर्थात् विश्वासियों की माँ) सैयिदा ज़ैनब बिन्त जहश रज़ियल्लाहु अन्हा उन महिलाओं में से हैं जिन्हों ने इस्लाम में प्रवेश करने में शीघ्रता की, वह अपने धर्म में पक्की और सच्ची थीं, उन्हों ने कुरैश की यातना और उत्पीड़न को सहन किया यहाँ तक कि अपने हिज्रत करने वाले....

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