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क्या शव्वाल के छ: रोज़े को रमज़ान की क़ज़ा पर प्राथमिकता देना जाइज़ है ? - (हिन्दी)

यदि किसी महिला पर रमज़ान के रोज़ों का क़र्ज़ है तो क्या उसके लिए जाइज़ है कि वह शव्वाल के छ: रोज़ों को क़र्ज़ से पहले रखे या कि क़र्ज़ को शव्वाल के छ: रोज़ों पर प्राथमिकता दे ?

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स्त्री का बिना महरम के हज्ज करना - (हिन्दी)

यदि स्त्री बिना महरम के हज्ज करती है तो क्या उसका हज्ज उचित है? क्या समझदार बच्चा महरम बन सकता है? महरम की क्या शर्तें हैं?

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नमाज़ न पढ़ने वाले का हज्ज - (हिन्दी)

जो व्यक्ति नमाज़-रोज़ा नहीं करता है और इसी अवस्था में हज्ज करता है, तो उसके हज्ज का क्या हुक्म है? यदि वह अल्लाह से तौबा कर ले तो क्या वह छूटी हुई इबादतों की क़ज़ा करेगा?

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क्या उम्रा के लिए शक्ति जुटाने हेतु यात्री रोज़ा तोड़ सकता है? - (हिन्दी)

यात्री यदि रोज़े की अवस्था में मक्का पहुँचे तो क्या वह उम्रा करने के लिए शक्ति जुटाने हेतु रोज़ा तोड़ देगा?

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बिना एहराम के मीक़ात को पार कर जाने वाले पर फिद्या अनिवार्य है - (हिन्दी)

मैं उम्रा की नीयत से रियाद से जद्दा जाने वाले विमान पर सवार हुआ, फिर विमान के पायलट ने घोषणा किया कि पच्चीस मिनट के बाद हम मीक़ात के ऊपर से गुज़रें गे, किंतु मैं मीक़ात के ऊपर गुज़रने के समय से चार या पाँच मिनट गाफिल हो गया और....

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हज्ज और उम्रा के शिष्टाचार - (हिन्दी)

हज्ज और उम्रा के शिष्टाचारः प्रस्तुत लेख में कुछ ऐसे शिष्टाचार का उल्लेख किया गया है जिनसे हज्ज या उम्रा करने वाले को सुसज्जित होना चाहिए।

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औरत का महिलाओं की संगति में बिना मह्रम के हज्ज करना - (हिन्दी)

एक औरत कहती है : मैं सऊदी राज्य में काम करने के कारण यहाँ निवास करती हूँ। मैं पिछले वर्ष हज्ज के लिए गई थी, और मेरे साथ मेरी दो सहेलियाँ भी थीं, जबकि हमारे साथ कोई मह्रम (अर्थात् ऐसा पुरुष जिसके साथ औरत का विवाह हमेशा के लिए हराम....

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ईद की नमाज़ का हुक्म और उसका तरीक़ा - (हिन्दी)

यह आदरणीय शैख मुहम्मद बिन सालेह अल-उसैमीन रहिमहुल्लाह से पूछे गये एक प्रश्न का उत्तर है जिसका अंश यह है किः ईद की नमाज़ का हुक्म और उसका तरीक़ा क्या है ? और उसकी शर्तें और उसका समय क्या है ?

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ईद की नमाज़ का हुक्म - (हिन्दी)

ईद की नमाज़ का हुक्म

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मृतकों की ओर से क़ुर्बानी करने का हुक्म - (हिन्दी)

यह आदरणीय शैख मुहम्मद बिन सालेह अल-उसैमीन रहिमहुल्लाह की पत्रिका ‘‘अहकामुल उज़हियाति वज़्ज़कात’’ का एक अध्याय है, जिसके अंदर क़ुर्बानी के विषय में बुनियादी उसूल का उल्लेख किया गया है और वह यह है कि क़ुर्बानी ज़िन्दा लोगों की तरफ से धर्मसंगत है। लेकिन इस समय बहुत से लोग ज़िन्दों....

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क्या रमज़ान की सत्ताईसवीं रात लैलतुल-क़द्र है? - (हिन्दी)

कुछ लोग रमज़ान की सत्ताईसवीं रात को लैलतुल-क़द्र से चर्चित करते हैं . . . तो क्या इस निर्धारण (चयन) का कोई आधार है? और क्या इसका कोई प्रमाण है?