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शीया संप्रदायों के बारे में विवरण - (हिन्दी)

आदरणीय शैख अब्दुल अज़ीज़ बिन अब्दुल्लाह बिन बाज़ रहिमहुल्लाह से प्रश्न किया गया किः आदरणीय शैख, हमें शीया लोगों के साथ मतभेद के कारणों को जानने की सख्त ज़रूरत है। हम आप से उनके अक़ाइद (विश्वास) को स्पष्ट करने की आशा करते हैं। अल्लाह सबके अंतर्दृष्टि को प्रकाशमान करे।

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बीमार की तहारत एंव नमाज़ के अहकाम - (हिन्दी)

यह एक महत्व पूर्ण पुस्तिका है जिस में इस बात का उल्लेख किया गया है कि बीमार व्यक्ति किस प्रकार छोटी या बड़ी नापाकी से तहारत (पवित्रता) हासिल करेगा तथा किस तरह नमाज़ पढ़ेगा।

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इमाम मुहम्मद बिन अब्दुल वह्हाब का आह्वान तथा जीवन - (हिन्दी)

इमाम मुहम्मद बिन अब्दुल वह्हाब का आह्वान तथा जीवन

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ज़कात और रोज़े के बारे में दो संक्षिप्त पुस्तिकाएं - (हिन्दी)

ज़कात और रोज़े के बारे में दो संक्षिप्त पुस्तिकाएं

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अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सलल्म की नमाज़ का तरीक़ा - (हिन्दी)

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सलल्म की नमाज़ का तरीक़ा

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हज्ज व उम्रा से संबंधित महिलाओं के लिए फत्वे - (हिन्दी)

प्रस्तुत पुस्तिका हज्ज व उम्रा से संबंधित औरतों के विशिष्ट अहकाम व मसाइल पर आधारित है जिनके बारे में अक्सर प्रश्न किया जाता रहता है।

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मुसलमान के काफ़िर के साथ खाना खाने का हुक्म - (हिन्दी)

आदरणीय शैख अब्दुल अज़ीज़ बिन अब्दुल्लाह बिन बाज़ रहिमहुल्लाह से प्रश्न किया गया किः अगर मुसलमान किसी ईसाई या उसके अलावा किसी अन्य काफिर (अविश्वासी) के साथ खाता या पीता है, तो क्या इसे हराम समझा जायेगा? और यदि वह हराम है, तो हम अल्लाह तआला के फरमान : ﴿وَطَعَامُ....

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हज, उमरा तथा ज़ियारत के अधिकांश मसलों का शोध एवं व्याख्या क़ुरआन एवं हदीस के आलोक में - (हिन्दी)

हज, उमरा तथा ज़ियारत के अधिकांश मसलों का शोध एवं व्याख्या क़ुरआन एवं हदीस के आलोक में

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रमज़ान की क़ज़ा को किसी कारण के आधार पर विलंब करने के बीच और उसे अकारण विलंब करने के बीच अंतर - (हिन्दी)

उस आदमी के बारे में इस्लामी शरीयत का क्या हुक्म है जिसने रमज़ान के छूटे हुए रोज़ों की क़ज़ा को किसी कारणवश दूसरे रमज़ान के बाद तक विलंब कर दिया तथा एक दूसरे आदमी ने उसे बिना किसी कारण के विलंब कर दिया ?

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बिना कारण रमज़ान के रोज़े की क़ज़ा न करने का हुक्म - (हिन्दी)

उस व्यक्ति का क्या हुक्म है जिसने रमज़ान के रोज़े की क़ज़ा को छोड़ दिया जबकि उसके पास कोई उज़्र (बहाना, कारण) नहीं है, क्या उसके लिए क़ज़ा करने के साथ केवल तौबा कर लेने काफी है, या उस पर कफ्फारा अनिवार्य है ?

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जिसने रमज़ान मे कुछ दिनों का रोज़ा तोड़ दिया जिनकी संख्या उसे याद नहीं - (हिन्दी)

मैं ने एक साल मासिक धर्म (माहवारी) के दिनों में रोज़ा तोड़ दिया और अभी तक उन दिनों का रोज़ा नहीं रख सकी हूँ। इस पर कई वर्ष बीत चुके हैं। मेरे ऊपर रोज़ों की जो क़र्ज़ है मैं उसका भुगतान करना चाहती हूँ। लेकिन मुझे यह ज्ञात नहीं कि....

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हुक्म न जानने के कारण रमज़ान के दिन में अपनी पत्नी से कई बार संभोग कर लेने वाले का हुक्म - (हिन्दी)

उस आदमी का क्या हुक्म है जिसने रमज़ान के दिन में रोज़े की हालत में अपनी पत्नी से कई बार संभोग कर लिया, फिर उसने बाद में सुना कि रोज़े की हालत में संभोग करना जाइज़ नहीं है ?