कुछ लोग रमज़ान के महीने के प्रवेश करने (प्रारम्भ होने) इत्यादि में उम्मत की एकता और अखण्डता को सुनिश्चित करने के लिए इस बात का मुतालबा करते हैं कि समस्त मताले (चाँद के उगने के स्थान) को मक्का के मताले से संबंधित कर दिया जाए, इस विषय में आपका क्या....
रोज़ा की हिक्मतें और उसके फायदे - (हिन्दी)
रोज़ा –व्रत-जिसे अल्लाह तआला ने अपने बंदों पर अनिवार्य किया है, उसके अंदर बहुत बड़ी तत्वदर्शिता और ढेर सारे फायदे और लाभ हैं, जिन से एक रोज़ा रखने वाला लाभान्वित होता है। इस लेख में इसी का उल्लेख किया गया है।
बीमार और मुसाफिर के रोज़े का हुक्म - (हिन्दी)
इस्लाम के गुणों में से एक महान गुण यह भी है कि उसने लोगों की आवश्यकताओं और उनकी परिस्थितियों का बहुत ध्यान रखा है और जहाँ भी उन्हें कठिनाई और कष्ट का सामना होता है, वहाँ उनके लिए आसानी का नियम और संविधान पस्तुत करता है, उन्हीं में से एक....
तरावीह की नमाज़ का हुक्म - (हिन्दी)
इस लेख मे तरावीह की नमाज़ का हुक्म, उसकी फज़ीलत, उसकी रक्अतों की संख्या और उसकी अदायगी का मस्नून तरीक़ा उल्लेख किया गया है।
इस्लामी शरीअत की उत्कृष्ट विशेषताएं - (हिन्दी)
इस्लामी शरीअत की उत्कृष्ट विशेषताएं
यात्रा से संबंधित कुछ अहकाम - (हिन्दी)
यह लेख यात्रा से संबंधित कुछ अहकाम पर आधारित है, जिस में इस्लामी दृष्टिकोण से यात्रा के प्रकार, यात्री को यात्रा के कारण प्रदान की जाने वाली रूख्सतें और आसानियाँ, सफर की रूख्सतों से लाभान्वित होने की शर्तें, सफर के आदाब और ग़ैर इस्लामी देशों का सफर करने की शर्तों....
पवित्र क़ुर्आन की तिलावत करने की फज़ीलत - (हिन्दी)
पवित्र क़ुर्आन मानवता के नाम अल्लाह का सर्व कालिक और अन्तिम संदेश है, जो मानवता की लौकिक और पारलौकिक हितों के मार्गदर्शन पर आधारित है, जो सत्य और असत्य, मार्गदर्शन और पथभ्रष्टता, सौभाग्य और दुर्भाग्य के बीच अन्तर स्पष्ट करता है। वह महीना जिस में मानवता को यह सौभाग्य प्राप्त....
रमज़ान से लाभान्वित पाठ - (हिन्दी)
इस लेख में रमज़ान से लाभान्वित होने वाले कुछ पाठ का निम्नलिखित बिन्दुओं के द्वारा उल्लेख किया गया है : 1- रमज़ान सब्र (धैर्य) का महीना है 2- रमज़ान दानशीलता, एहसान व भलाई और सिला-रहमी (रिश्तेदारी निभाने) का महीना है 3- रमज़ान जिहाद, विजय और फुतूहात का महीना है 4-....
ज़कात के अहकाम - (हिन्दी)
ज़कात इस्लाम के कर्तव्यों में से एक महान कर्तव्य और उसका तीसरा महत्वपूर्ण स्तंभ है, जिसे अल्लाह तआला अपनी किताब में अनिवार्य किया है और अल्लाह के पैग़ंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने स्वयं ज़कात वसूल किया है और जिस पर ज़कात अनिवार्य है उस से वसूल करने का आदेश....
हम एक मोरक्को संघ के सदस्य बार्सिलोना में रहते हैं, वह कौन सा तरीक़ा है जिस से हम ज़कातुल फित्र की गणना करें?
जन सेवा और इस्लाम - (हिन्दी)
इस्लाम एक संपूर्ण और व्यापक धर्म है, जिस ने दीन और दुनिया, लोक और परलोक, तथा जीवन के सभी वर्गों में मानव जाति की आवश्यकताओं की पूर्ति की है और उसकी समस्त समसयाओं का उचित समाधान पेश किया है। इस्लाम धर्म की विभिन्न विशेषताओं और गुणों में से एक मानव....
इस्लाम में आर्थिक स्थिति की एक झलक - (हिन्दी)
धन जीवन की रीढ़ की हड्डी और उसका आधार है, जिसके द्वारा इस्लामी शरीअत का उद्देश्य एक संतुलित समाज की स्थापना है जिस में सामाजिक न्याय का बोल बाला हो जो अपना तभी सदस्यों के लिए आदरणीय जीवन का प्रबंध करता है। और जब इस्लाम की दृष्टि में धन उन....

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