عمره کے مناسك
عمره کے مناسك - (اردو)
عورتوں کے قدرتی خون کے مسائل - (اردو)
عورتوں کے قدرتی خون کے مسائل
قضائے حاجت کے آداب و احکام - (اردو)
قضائے حاجت کے آداب و احکام
صدقہ فطر کا حکم - (اردو)
صدقہ فطر کا حکم
ماہ ذو الحجہ کے ابتدائی دس دنوں کی مجلسيں
रोज़ा तोड़नेवाली चीज़ें - (اردو)
रोज़ा तोड़नेवाली चीज़ें : इस व्याख्यान में रोज़े की अनिवार्यता का चर्चा करते हुए, उसकी अनिवार्यता को नकारने वाले अथवा बिना किसी वैध कारण के रोज़ा न रखने वाले का हुक्म उल्लेख किया गया है। तथा जिन लोगों के लिए रमज़ान के महीने में रोज़ा न रखने की छूट दी....
रोज़े की अनिवार्यता और उसके प्रावधान - (اردو)
रोज़े की अनिवार्यता और उसके प्रावधानः प्रस्तुत आडियो में रमज़ान के महीने के रोज़े की अनिवार्यता, क़ुरआन व हदीस से उसकी अनिवार्यता के प्रमाणों, उसकी अनिवार्यता की शर्तों और रोज़े की तत्वदर्शिता का उल्लेख किया गया है। इसी तरह रोज़े के कुछ प्रावधानों, जैसे- रोज़े की नीयत, उसका अर्थ और....
हज्ज का संक्षिप्त विवरण - (اردو)
हज्ज का संक्षिप्त विवरण : हज्ज एक महान वैश्विक अवसर है, जिसमें दुनिया के कोने-कोने से आकर मुसलमान अल्लाह के पवित्र घर मक्का मकर्रमा में एकत्रित होते हैं ; ताकि उस महान कर्तव्य को पूरा करें जो जीवन में केवल एक बार अनिवार्य है। प्रस्तुत व्याख्यान में हज्ज की अनिवार्यता,....
हज्ज एक महान उपासना है - (اردو)
प्रस्तुत वीडियो में इस्लाम के पाँचवे स्तंभ अल्लाह के पवित्र व सम्मानित घर ’काबा’ के हज्ज के वर्णन पर आधारित है। इसमें हज्ज की परिभाषा, उसकी अनिवार्यता, उसकी प्रतिष्ठा व महानता और इस्लाम धर्म में उसके महत्वपूर्ण स्थान का उल्लेख करते हुए ’’हज्ज मबरूर’’ की शर्तों और हज्ज के धार्मिक....
प्रस्तुत वीडियो में रमज़ान के महीने के अहकाम व मसायल से संबंधित 50 प्रश्नों के उत्तर दिए जिनके बारे में अक्सर लोग
हज्ज और उम्रा के फज़ायल - (اردو)
हज्ज और उम्रा के फज़ायल : प्रस्तुत व्याख्यान में हज्ज की अनिवार्यता, इस्लाम धर्म में उसके महत्व का उल्लेख करते हुए, दिव्य क़ुरआन और हदीस में हज्ज और उम्रा तथा उनके विभिन्न कार्यों के गुणविशेषण व प्रतिष्ठा का वर्णन किया गया है।
रमज़ान के अंतिम दस दिनों की फज़ीलत - (اردو)
रमज़ान के अंतिम दस दिनों की फज़ीलतः इस उम्मत पर अल्लाह का बहुत बड़ा उपकार है कि उसने उन्हें रमज़ान के अंतिम दस दिनों में एक ऐसी रात प्रदान किया है, जो हज़ार महीनों (अर्थात 83 वर्षों) से अधिक बेहतर है। इसीलिए इस रात को पाने के लिए पैगंबर सल्लल्लाहु....

API



