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सैयिदा मारिया अल-क़िब्तिय्यह रज़ियल्लाहु अन्हा - (हिन्दी)

सैयिदा मारिया अल-क़िब्तिय्यह रज़ियल्लाहु अन्हा उन दोनों लौंडियों में से एक थीं जिन्हें मिस्र में बीजान्टिन राज्य के एटॉर्नी जनरल और इस्कंदरिया के राज्यपाल मुकौकिस ने पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सेवा में भेंट की थी, पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने मारिया रज़ियल्लाहु अन्हा को अपने लिए चुन....

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रमज़ान से संबंधित महिलाओं के लिए फत्वे - (हिन्दी)

रमज़ानुल मुबारक के महीने से संबंधित महिलाओं के कुछ विशिष्ट प्रावधान हैं जिनके बारे में महिलाओं को जानकारी की आवश्यकता होती है और अक्सर उनके बारे में प्रश्न किया जाता रहता है। प्रस्तुत हैं ऐसे ही 18 प्रश्नों के उत्तर।

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कुछ रोज़ेदारों से होने वाली ग़लतियों या कमियों पर चेतावनी - (हिन्दी)

इस महत्वपूर्ण लेख में कुछ रोज़ेदारों से होने वाली 20 ग़लतियों या कमियों पर चेतावनी दी गयी है।

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उम्मुल-मोमिनीन सैयिदा आयशा बिन्त सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु अन्हुमा - (हिन्दी)

उम्मुल-मोमिनीन (अर्थात् विश्वासियों की माँ) उम्मुल-मोमिनीन सैयिदा आयशा बिन्त अबू बक्र सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु अन्हुमा पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की पत्नियों में आपके निकट सबसे प्रिय और चहेती थीं, उम्महातुल मोमिनीन के बीच उनका महान स्थान था। वह क़ुरआन व हदीस और इस्लामी धर्मशास्त्र मे निपुण महिला थीं। इस लेख....

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ईद के कुछ आदाब - (हिन्दी)

इस लेख में ईद के कुछ आदाब और ईद की नमाज़ का तरीक़ा उल्लेख किया गया है तथा ईद से संबंधित कुछ गलतियों पर चेतावनी दी गई है।

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रमज़ान के बाद क्या करें ॽ - (हिन्दी)

रमज़ान का महीना हम से रूख्सत हो गया और उसकी मुबारक घड़ियाँ समाप्त होगईं, लाभ उठानेवालों ने इससे लाभ उठाए और कितने लोग घाटे और टूटे में रहे, हम नहीं जानते कि कौन लाभान्वित है कि उसे बधाई दें और कौन घाटे में रहा कि उसे सांत्वना दें। भाग्यशाली है....

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अंग्रेज़ी शौचालयों के उपयोग करने का हुक्म - (हिन्दी)

हम अंग्रेजी शौचालयों का प्रयोग करते हैं तो क्या यह जायज़ हैॽ

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खड़े होकर पेशाब करने का हुक्म - (हिन्दी)

क्या इंसान का खड़े होकर पेशाब करना निषेध है या वैधॽ

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हज्ज के अनिवार्य होने की शर्तें - (हिन्दी)

हज्ज के अनिवार्य होने की शर्तें क्या है?

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हाजियों की दिनचर्या - (हिन्दी)

प्रस्तुत पुस्तिका में हाजियों के लिए हज्ज के छः दिनों के काम संक्षेप में उल्लेख किए गए हैं, जिसका आरंभ ज़ुल-हिज्जा की 8वीं तारीख से होता है और तश्रीक़ के अंतिम दिन 13वीं ज़ुल-हिज्जा को संपन्न हो जाता है।

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आशूरा के रोज़े की फज़ीलत - (हिन्दी)

मैं ने सुना है कि आशूरा का रोज़ा पिछले साल के गुनाहों का कफ्फारा (प्रायश्चित) बन जाता है, तो क्या यह बात सही है ? और क्या हर गुनाह यहाँ तक कि बड़े गुनाहों का भी कफ्फारा बन जाता है ? फिर इस दिन के सम्मान का क्या कारण है....

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अकेले आशूरा के दिन का रोज़ा रखने का हुक्म - (हिन्दी)

क्या यह जायज़ है कि मैं केवल आशूरा के दिन का रोज़ा रखूँ, उस से पहले एक दिन या उसके बाद एक दिन का रोज़ा न रखूँ ?